
” हर सालं 29 जुलाई को, दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है, जो बाघों के संरक्षण की हमारी जिम्मेदारी को दिलाने वाला दिन है।
” अंतरष्ट्रिय बाघ दिवस का उद्देश्य बाघों और उनके आवासों के संरक्षण के प्रति वैश्िक जागरूकता बढ़ाना है।
यह शिकार विरोधी प्रयासों और आवास संरक्षण को प्रेरित करता है, जिससे इन अद्ुत जीवों का अस्तित्व सुरक्षित रखा जा सके। यह दिन जैव विविधता में बाघों की महत्त्वपूर्ण भूमिका का उत्सव भी है।
. बाघ पृथ्वी पर सबसे बड़े जंगली बिल्लीं प्रजाति के जीव हैं, जो अपनी चमकदार नारंगी चमड़ी और काले धारियों के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें शिकार में मदद करती हैं।
. शेरों के विपरीत, बाघ अकेले रहना पसंद करते हैं। बाघों को भारत, रूस और इंडोनेशिया जैसे देशों के जंगलों, घास के मैदानों और बर्फीले पहाड़ों में पाया जा सकता है। बाघों की कई प्रजातियाँ होती हैं, और प्रत्येक की अपनी अलग पहचान और रूप-रंग होता है।
अंतरष्ट्रिय बाघ दिवस का इतिहास:
अंतरष्ट्रिय बाघ दिवस 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बाघ् सम्मेलन के दौरान शुरू किया गया था। यह सम्मेलन जंगली बाघों की अत्यधिक कम होती हुई संख्या के मद्देनजर आयोजित किया गया था।
. सम्मेलन में 13 बाघ निवास देशों ने भाग लिया, जिनमें भारत, रूस, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मलेशिया और अन्य देश शामिल थे। इसका मुख्य उद्देश्य 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करना था, जो ‘TX2’ लक्ष्य के तहत वैश्विक सहयोग और संरक्षण प्रयासों के माध्यम से प्राप्त किया जाना था। तब से यह दिन बाघों के संरक्षण के लिए समन्वित अंतरष्ट्रिय कार्रवाई का प्रतीक बन गया है।